Skip to main content

Carrito de compra

¡Obtienes el tratamiento VIP!

Artículos no disponibles para compra.
Por favor revisa tu carrito. Puedes eliminar los artículos no disponibles ahora o los eliminaremos nosotros automáticamente al momento de pagar.
artículosartículo
artículosartículo

Recomendado para ti

Loading...
  • Gau Mata Chalisa (Hindi Prayer)

    गौ माता चालीसा

    गौएँ प्राणियों का आधार तथा कल्याण की निधि है। भूत और भविष्य गौओं के ही हाथ में है। वे ही सदा रहने वाली पुष्टिका कारण तथा लक्ष्मी की जड हैं। गौओं की सेवा में जो कुछ दिया जाता है, उसका फल अक्षय होता है। गौ-माता की आराधना हेतु प्रेमनारायण ने चालीसा की रचना की है। ... Leer más

    $0.99 USD

La gente que leyó esto también disfrutó

  • Panchvati (Hindi Epic)

    पंचवटी (खण्ड-काव्य)

    पंचवटी (खण्ड-काव्य) में राम, सीता और लक्ष्मण का किस प्रकार से जीवन व्यतीत हो रहा है इसका बहुत ही रोचक वर्णन किया गया है.... ... Leer más

    $0.99 USD

  • Urmila (Hindi Epic)

    उर्मिला (खण्ड-काव्य)

    लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला के विरह वेदना का काव्यात्मक वर्णन इस पुस्तक में मैथिलीशरण जी ने किया है ... Leer más

    $0.99 USD

  • Prerak Kahania (Hindi Stories)

    प्रेरक कहानियाँ

    कन्हैयालाल जी ने सभी आयु के पाठकों हेतु प्रेरणादायक कहानियों को प्रस्तुत किया है। सभी कहानियां स्वस्थ मनोरंजन करने के साथ ही कुछ न कुछ शिक्षा भी देती हैं। ... Leer más

    $1.99 USD

  • Gauri

    गौरी

    गौरी, अपराधिनी की भाँति, माता-पिता दोनों की दृष्टि से बचती हुई, पिता के लिए चाय तैयार कर रही थी। उसे ऐसा लग रहा था कि पिता की सारी कठिनाइयों की जड़ वही है। न वह होती और न पिता को उसके विवाह की चिन्ता में, इस प्रकार स्थान-स्थान घूमना पड़ता। वह मुँह खोलकर किस प्रकार कह दे कि उसके विवाह के लिए इतनी अधिक परेशानी उठाने की आवश्यकता नहीं। माता-पिता चाहे जिसके साथ उसकी शादी कर दें, वह सुखी रहेगी। न करें त ... Leer más

    $4.99 USD

  • Bhaj Govindam (Hindi Prayer)

    भज गोविन्दम्

    ‘भज गोविन्दम्’ देखने में भले ही छोटा ग्रन्थ लगे, परन्तु वास्तव में आदि शंकर की यह एक महत्वपूर्ण रचना है। इसमें वेदान्त के मूल आधार की शिक्षा सरल गान में दी गई है, ताकि कोई बुद्धिमान व्यक्ति अगर इसका अध्ययन सच्चाई के साथ करे तो उसके सारे मोह नष्ट हो सकते हैं, और इसीलिए इसका एक मान पड़ा ‘मोह-मुद्गर’। ... Leer más

    $1.99 USD

  • Premmurti Bharat (Hindi Religious)

    प्रेममूर्ति भरत

    भरत के व्यक्तित्व का दर्शन हमें ‘राम वन गमन’ के पश्चात् ही होता है। उसके पहले उनका चरित्र-मूक समर्पण का अद्भुत दृष्टान्त है जिसे देखकर कुछ भी निर्णय कर पाना साधारण दर्शक के लिये कठिन ही था। इसी सत्य को दृष्टिगत रख कर गोस्वामी जी ने ‘राम वन गमन’ के मुख्य कारण के रूप में भरत प्रेम-प्राकट्य को स्वीकार किया। जैसे देवताओं ने समुद्र-मन्थन के द्वारा अमृत प्रकट किया था ठीक उसी प्रकार राम ने भी भरत-समुद्र ... Leer más

    $4.99 USD

  • Manas Aur Bhagwat Me Pakshi (Hindi Religious)

    मानस और भागवत में पक्षी

    ‘श्रीरामचरितमानस’ विलक्षण एवं महत्त्वपूर्ण सांकेतिक भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यही बात ‘श्रीमद्भागवत’ के सन्दर्भ में भी है, ‘श्रीमद्भागवत्’ के वक्ता परमहंस शुकदेव हैं। यहाँ पर दो शब्द जुड़े हुए हैं, एक ओर तो उन्हें शुक के रूप में प्रस्तुत किया गया और शुक एक पक्षी है, पर उसके शुकत्व के साथ-साथ हंस शब्द भी जुड़ा हुआ है तथा उसका तात्पर्य यह है कि ‘श्रीमद्भागवत्’ के जो श्रेष्ठतम वक्ता हैं, चाहे आप ... Leer más

    $1.99 USD

  • Sugreev Aur Vibhishan (Hindi Religious)

    सुग्रीव और विभीषण

    ‘श्रीरामचरितमानस’ में एक ओर श्रीसुग्रीव का चरित है और दूसरी ओर श्रीविभीषण हैं और दोनों के चरित में जो भगवान् का मिलन होता है, उस मिलन में श्रीहनुमान् जी ही मुख्य कारण बनते हैं। फिर भी सुग्रीव और विभीषण के चरित में अन्तर है और इस अन्तर का मुख्य तात्पर्य यह है कि भगवत्प्राप्ति के लिए किसी एक विशेष प्रकार के चरित और व्यक्ति का वर्णन किया जाय तो उसको सुनने वाले या पढ़ने वाले के मन में ऐसा लगता है कि ... Leer más

    $1.99 USD

  • Premchand Ki Kahaniyan-23

    प्रेमचन्द की कहानियाँ-23

    Series Libro 23 - Premchand Stories
    मुंशी प्रेमचन्द एक व्यक्ति तो थे ही, एक समाज भी थे, एक देश भी थे। व्यक्ति समाज और देश तीनों उनके हृदय में थे। उन्होंने बड़ी गहराई के साथ तीनों की समस्याओं का अध्ययन किया था। प्रेमचन्द हर व्यक्ति की, पूरे समाज की और देश की समस्याओं को सुलझाना चाहते थे, पर हिंसा से नहीं, विद्रोह से नहीं, अशक्ति से नहीं और अनेकता से भी नहीं। वे समस्या को सुलझाना चाहते थे प्रेम से, अहिंसा से, शान्ति से, सौहार्द से, ... Leer más

    $2.99 USD

  • Premchand Ki Kahaniyan-35

    प्रेमचन्द की कहानियाँ-35

    Series Libro 35 - Premchand Stories
    मुंशी प्रेमचन्द एक व्यक्ति तो थे ही, एक समाज भी थे, एक देश भी थे। व्यक्ति समाज और देश तीनों उनके हृदय में थे। उन्होंने बड़ी गहराई के साथ तीनों की समस्याओं का अध्ययन किया था। प्रेमचन्द हर व्यक्ति की, पूरे समाज की और देश की समस्याओं को सुलझाना चाहते थे, पर हिंसा से नहीं, विद्रोह से नहीं, अशक्ति से नहीं और अनेकता से भी नहीं। वे समस्या को सुलझाना चाहते थे प्रेम से, अहिंसा से, शान्ति से, सौहार्द से, ... Leer más

    $2.99 USD

  • Vijay, Vivek Aur Vibhuti (Hindi Religious)

    विजय, विवेक और विभूति

    तीन वस्तुएँ प्राप्त होती हैं - विजय, विवेक और विभूति, परन्तु किसको? एक शब्द जोड़ दिया गया कि जो ‘सुजान’ हैं। ‘रामायण’ का पाठ और श्रवण तो बहुधा अनेक लोग करते ही रहते हैं, परन्तु गोस्वामीजी ने जो ‘सुजान’ शब्द जोड़ दिया, यह बड़े महत्व का है। कहने वाला भी सुजान हो और सुनने वाला भी सुजान हो, यह गोस्वामीजी की शर्त है। यह सुजान शब्द कहाँ से जुड़ा हुआ है, इस पर ध्यान दीजिए! श्रीराम की जब रावण पर विजय हुई ... Leer más

    $2.99 USD