Skip to main content

Carrito de compra

¡Obtienes el tratamiento VIP!

Artículos no disponibles para compra.
Por favor revisa tu carrito. Puedes eliminar los artículos no disponibles ahora o los eliminaremos nosotros automáticamente al momento de pagar.
artículosartículo
artículosartículo

Recomendado para ti

Loading...
  • Skandgupt | स्कंदगुप्त

    नाटक (Play)

    Skandgupt Play in Hindi written by Jayshankar Prasad. Based on syllabus of UGC NET & UPSC Hindi Sahitya Syllabus ... Leer más

    $2.16 USD o gratis con Kobo Plus

  • Meri Kahania-Jaishankar Prasad-2(Hindi Stories)

    मेरी कहानियाँ-जयशंकर प्रसाद-2

    हिन्दी कथा-साहित्य के विकास के प्रथम चरण में ही प्रसाद जी ने कविताओं के साथ कथा-साहित्य के क्षेत्र में पदार्पण किया। उनकी सांस्कृतिक अभिरूचि और वैयक्तिक भावानुभूति की स्पष्ट छाप के कारण उनके द्वारा रचित कथा-साहित्य अपनी एक अलग पहचान बनाने में पूर्णतः सक्षम हुआ। जयशंकर प्रसाद अपने समय के प्रयोगधर्मी रचनाकार थे। भारतेन्दु युगीन खुमारी से मुक्त होकर उन्होंने नाटक और कविता के क्षेत्र में ही नहीं कथा स ... Leer más

    $4.99 USD

  • Meri Kahania-Jaishankar Prasad-1(Hindi Stories)

    मेरी कहानियाँ-जयशंकर प्रसाद-1

    हिन्दी कथा-साहित्य के विकास के प्रथम चरण में ही प्रसाद जी ने कविताओं के साथ कथा-साहित्य के क्षेत्र में पदार्पण किया। उनकी सांस्कृतिक अभिरूचि और वैयक्तिक भावानुभूति की स्पष्ट छाप के कारण उनके द्वारा रचित कथा-साहित्य अपनी एक अलग पहचान बनाने में पूर्णतः सक्षम हुआ। जयशंकर प्रसाद अपने समय के प्रयोगधर्मी रचनाकार थे। भारतेन्दु युगीन खुमारी से मुक्त होकर उन्होंने नाटक और कविता के क्षेत्र में ही नहीं कथा स ... Leer más

    $4.99 USD

  • Kankal

    हिंदी साहित्य जगत् के महान साहित्यकारों में गिने जाने वाले युगप्रवर्तक साहित्यकार जयशंकर प्रसाद एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, वे हिन्दी कवि, कहानीकार, नाटककार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। इनका जन्म 30 जनवरी, 1889 ई० को बनारस के काशी, उत्तर प्रदेश के एक कलाप्रेमी परिवार में हुआ। जिसके माध्यम से उनकी साहित्य में रुचि बनी। उनके साहित्य के प्रति इसी रुझान ने उन्हें हिंदी का एक महान लेखक सिद्ध किया। ... Leer más

    $0.99 USD

  • Kamayani

    हिंदी साहित्य जगत् के महान साहित्यकारों में गिने जाने वाले युगप्रवर्तक साहित्यकार जयशंकर प्रसाद एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, वे हिन्दी कवि, कहानीकार, नाटककार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। इनका जन्म 30 जनवरी, 1889 ई० को बनारस के काशी, उत्तर प्रदेश के एक कलाप्रेमी परिवार में हुआ। जिसके माध्यम से उनकी साहित्य में रुचि बनी। उनके साहित्य के प्रति इसी रुझान ने उन्हें हिंदी का एक महान लेखक सिद्ध किया। ... Leer más

    $0.99 USD

  • Kankal

    हिंदी साहित्य जगत् के महान साहित्यकारों में गिने जाने वाले युगप्रवर्तक साहित्यकार जयशंकर प्रसाद एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, वे हिन्दी कवि, कहानीकार, नाटककार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। इनका जन्म 30 जनवरी, 1889 ई० को बनारस के काशी, उत्तर प्रदेश के एक कलाप्रेमी परिवार में हुआ। जिसके माध्यम से उनकी साहित्य में रुचि बनी। उनके साहित्य के प्रति इसी रुझान ने उन्हें हिंदी का एक महान लेखक सिद्ध किया। ... Leer más

    $0.99 USD

  • Mdhuaa aur any Khaaniyaan

    मधुआ और अन्य कहानियां

    महाकवि के रूप में सुविख्यात जयशंकर प्रसाद हिंदी नाटड्ढ-जगत और कथा-साहित्य में भी एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त और ध्रुवस्वामिनी सरीखे नाटक, तितली, कंकाल और इरावती जैसे उपन्यास तथा आकाशदीप, मधुआ और पुरस्कार जैसी कहानियाँ उनके गद्य लेखन की अनुलंघ्य ऊँचाइयाँ हैं। यहाँ प्रसाद की प्रायः सभी चुनिंदा कहानियाँ संकलित हैं, जिनसे गुजरते हुए हमें न सिर्फ भारतीय दर्शन की सुखवादी मूल्य-मान ... Leer más

    $0.99 USD

  • Kankaal (Hindi Novel)

    कंकाल

    उपन्यास अपने समय के नेताओं और स्वयंसेवकों के चरित्रांकन के माध्यम से एक दोहरे चरित्रवाली जिस संस्कृति का संकेत करता और बनते हुए जिन मानव संबंधों पर घण्टी और मंगल के माध्यम से जो रोशनी फेंकता है वह आधुनिक यथार्थ की पृष्ठभूमि बन जाता है। सृजनात्मकता की इस सांकेतिक क्षमता के कारण यह उपन्यास यथार्थ के भीतर विद्यमान उन शक्तियों को भी अभिव्यक्त कर सका है जो मनुष्य की जय यात्रा पर विश्वास दिलाती है। ... Leer más

    $4.99 USD

  • Kamayani (Hindi Epic)

    कामायनी

    आज के मनुष्य के समीप तो उसकी वर्तमान संस्कृति का क्रमपूर्ण इतिहास ही होता है; परन्तु उसके इतिहास की सीमा जहाँ से प्रारंभ होती है ठीक उसी के पहले सामूहिक चेतना की दृढ़ और गहरे रंगों की रेखाओं से बीती हुई और भी पहले की बातों का उल्लेख स्मृति-पट पर अमिट रहता हैं, परन्तु कुछ अतिरंजित-सी वे घटनाएँ आज विचित्रता से पूर्ण जान पड़ती हैं। संभवतः इसीलिए हमको अपनी प्राचीन श्रुतियों का निरुक्त के द्वारा अर्थ ... Leer más

    $4.99 USD

  • Audiolibro

    Kamayani

    Narrado por Shantasree Shetty ...

    Completo

    3 hora 37 minutos

    छायावादी युग के प्रमुख कवियों में जयशंकर प्रसाद का नाम अग्रणी है। प्रसाद की कामायनी आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। महाकाव्य चिंता से शुरू होकर आनंद तक 15 सर्गों में जीवन को एक दार्शनिक विस्तार देने की प्रसाद की कोशिश अनुपम है। कामायनी में जीवन की अब तक की मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक विकास की गाथा व्यक्त की गई है। हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल छाँह एक ... Leer más

    $3.99 USD

  • Audiolibro

    Dhruvswamini

    Narrado por Silly Souls ...

    Completo

    1 horas 22 minutos

    ध्रुवस्वामिनी जयशंकर प्रसाद की अंतिम और श्रेष्ठ नाट्य-कृति है। इसका कथानक गुप्तकाल से सम्बद्ध और शोध द्वारा इतिहास सम्मत है। यह नाटक इतिहास की प्राचीनतमा में वर्तमान काल की समस्या को प्रस्तुत करता है। ऑडियो में इसे सुनने का अहसास अतुलनीय है।प्रियंका शर्मा के निर्देशन में इस श्रेष्ठ नाट्य-कृति को आवाज़ दी है Silly Souls के अभिनेताओं ने! ... Leer más

    $3.99 USD

La gente que leyó estos también disfrutó

  • Sambhavami Yuge Yuge-2 (Hindi Novel)

    सम्भवामि युगे युगे-2

    Series Libro 3 - Mahabharat Katha
    पांडवों के खांडव क्षेत्र में चले जाने के पश्चात् मुझको धृतराष्ट्र का निमंत्रण मिला। मैं वहां गया तो महाराज के पास दुर्योधन, दुःशासन और कर्ण बैठे हुए थे। मैंने प्रणाम किया तो महाराज धृतराष्ट्र ने बैठने का आदेश दे दिया। मेरे बैठने पर दुर्योधन ने मुझको सम्बोधन करके कहा, ‘‘तात्! हमको ज्ञात हुआ है कि आपकी पाठशाला बंद हो गयी है।’’ ‘‘हां महाराज!’’ ‘‘हमें यह भी पता चला है कि आपने श्रीकान्त और शकुन्तला से ... Leer más

    $4.99 USD