Skip to main content

Carrito de compra

¡Obtienes el tratamiento VIP!

Artículos no disponibles para compra.
Por favor revisa tu carrito. Puedes eliminar los artículos no disponibles ahora o los eliminaremos nosotros automáticamente al momento de pagar.
artículosartículo
artículosartículo

Recomendado para ti

Loading...
  • HEALTHCARE PLATFORM ARCHITECTURE FOR ENTERPRISE OPERATIONS Building Systems for Claims, Member Management, and Clinical Care

    Healthcare Platform Architecture for Enterprise Operations presents a practical framework for designing scalable, secure, and integrated healthcare technology platforms. The book examines the architectural foundations required to support claims processing, member management, clinical care coordination, provider operations, data exchange, compliance, and enterprise reporting.It explains how modern ... Leer más

    $10.00 USD o gratis con Kobo Plus

  • Sustainable and Inclusive Economic Development

    A Global Perspective

    In this new book, Sustainable and Inclusive Economic Development: A Global Perspective, the authors present innovative approaches to a new interpretation of sustainable development concepts in light of the post-pandemic revival of global economic activity. It also explores possible solutions to the energy-environment-development trilemma.The book addresses the effects of tariff escalations, ... Leer más

    $240.99 USD

    PEDIDO ANTICIPADO

  • Sabhi Pratiyogi Parikshaon Hetu

    UPSC, STATE PCS, TGT, PGT, UGC NET/JRF

    इस किताब में बच्चों को समझने के लिए सरल शब्दावली व चित्रों के माध्यम से समझाने का अधिक प्रयास किया गया है किताब में प्रयुक्त भाषा में प्रयुक्त शब्दों को अच्छे ढंग से वर्णन किया गया है ताकि बच्चों को समझने में असुविधा ना हो यह किताब मुख्यता प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार की गई है जिससे अधिक से अधिक प्रश्न उठ चुके हैं छात्रों से अनुरोध है कि प्रत्येक लाइन को ध्यान से पढ़ें और विशेष तथ्यों को ध्यान ... Leer más

    $3.61 USD o gratis con Kobo Plus

  • Pratinidhi Kahaniyan : Akhilesh

    de Akhilesh ...
    अखिलेश की कहानियाँ बातूनी कहानियाँ हैं...ग़ज़ब का बतरस है उनमें। वे अपने पाठकों से जमकर बातें करती हैं। अपने सबसे प्यारे दोस्त की तरह गलबहियाँ लेकर वे आपको आगे और आगे ले जाती हैं और उनमें उस तरह की सभी बातें होती हैं जो दो दोस्तों के बीच घट सकती हैं (कोई चाहे तो इसे कहानीपन भी कह सकता है)। यही वजह है कि बेहद गम्भीर विषयों पर लिखते हुए भी अखिलेश की कहानियाँ ज़बर्दस्ती की गम्भीरता कभी नहीं ओढ़ती हैं ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Gaon-Ghar

    हिन्दी में गाँव-घर या जड़ों से लगाव की बहुत सारी कहानियाँ लिखी गई हैं और अभी भी लिखी जा रही हैं; क्योंकि जड़ों से लगाव ही तो देता है जीवन और स्थायित्व। आज जब आभासी यथार्थ ने व्यक्ति को सचमुच के यथार्थ से दूर और जड़ों से अलग कर दिया है, ऐसे समय में इस संचयन की ज़रूरत और ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है। हिन्दी कहानी की लोकधर्मी परम्परा का ध्यान रखते हुए चुनी हुई इन कहानियों को पढ़कर हम अपने अतीत की आत्म-मुग्धता ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Maa

    माँ यानी दुनिया से पहली पहचान, पहला रिश्ता। एक ऐसा रिश्ता जो जन्म के पहले से ही शुरू हो जाता है। बाद में सन्तान जैसे-जैसे बड़ी होने लगती है, उसकी दुनिया का विस्तार होने लगता है, उसके जीवन में माँ की केन्द्रीयता ख़त्म हो जाती है पर माँ के समूचे व्यक्तित्व और सद् भावना के केन्द्र में उसकी सन्तान ही रहती है। इस संकलन में लगभग सभी महत्त्वपूर्ण कहानियों को चयनित किया गया है, जिससे ‘माँ’ का कोई भी जाना ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Dost

    भारतीय समाज में रिश्तों को जितनी मजबूती, आत्मीयता और उर्जा हासिल रही हैं, वह विरल है । एक तरह से कहा जा सकता है कि इस देश के यथार्थ को रिश्तों की समझ के बगैर जाना-समझा नहीं जा सकता है । माँ-पिता, भाई-बहन, दोस्त, दादी-नानी, बाबा-नाना, मामा, मौसा-मौसी, बुआ-फूफा, दादा, चाचा, दोस्ती अनगिनत समबन्ध हैं जो लोगों के अनुभव-संसार में जिवंत हैं और जिनसे लोगों का अनुभव-संसार बना है । इसलिए हमारे देश की विभिन ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Dada-Dadi, Nana-Nani

    दादा-दादी, नाना-नानी बच्चों के लिए एक गहरी शीतल छाँह की तरह होते हैं। ये रिश्ते केवल पीढ़ियों का संवाद नहीं, भावनात्मक मूल्यों का विस्तार हैं। इन रिश्तों की कहानियाँ ऐसे समाज में सम्भव नहीं जहाँ बूढ़ा-बूढ़ी ओल्ड एज होम में मृत्यु का इन्तज़ार करते हों; और कामकाजी पति-पत्नी के बच्चों का अधिकांश समय चाइल्ड केयर सेंटर में गुज़रता हो। आज जब एकल परिवार की भी सीमाएँ उजागर हो चुकी हैं, तब इन रिश्तों के मर ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Dampatya

    सुखी दाम्पत्य एक कामना भी है, प्रयास भी, एक स्वस्थ परिवार की आधारशिला है तो परिवार-चक्र का केन्द्र-बिन्दु भी।इस संकलन में दाम्पत्य सम्बन्ध को लेकर लिखी गईं कई पीढ़ियों की कहानियों के बीच से कुछ को शामिल किया गया है। ये आमतौर पर अपने-अपने समय की लोकप्रिय कहानियाँ हैं। इनसे समय के साथ पति-पत्नी के रिश्ते में आए बदलावों का भी अन्दाज़ा मिलता है और इस सम्बन्ध की जटिल ख़ूबसूरती भी सामने आती है। ये कहानिय ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Raza : Jaisa Maine Dekha

    आकारों, बिन्दुओं और रंगों के साथ अपने देखे और महसूस किए गए की सबसे भीतरी और अमूर्त भित्ति को चित्रित करने तथा द्रष्टा को इसके माध्यम से अपने अन्तस की यात्रा के लिए प्रेरित करनेवाले चित्रकार सैयद हैदर रज़ा के जीवन और रचना का यह बहुत निकट से देखा गया विवरण है।यह और विशेष इसलिए है कि इसे हमारे समय के अत्यन्त संवेदनशील और कृती चित्रकार अखिलेश ने अपनी स्वयं की आँख से देखकर, और रज़ा के सम्पूर्ण को अंगीक ... Leer más

    Antes $5.99 USD Ahora $4.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Sampoorna Kahaniyan : Akhilesh

    de Akhilesh ...
    अखिलेश ने हिन्दी कहानी को एक नई तरतीब दी और पठनीयता की तमाम शर्तों को पूरा करते हुए उसे इस क़ाबिल बनाया है कि वह यथार्थ को अधिक निर्मम निगाह से देख सके। उनका कथाकार संसार की वास्तविकता को देखने के लिए अपने टेलिस्कोप और माइक्रोस्कोप उस बिन्दु पर स्थित करता है जहाँ से हमारे वक़्त की पीठ का नंगापन हर हाल में ज़्यादा तीखा दिखाई देता है।ग़लत की भव्यता से अखिलेश की चिढ़ और सही की निरीहता के प्रति उनकी ... Leer más

    Antes $6.99 USD Ahora $5.99 USD o gratis con Kobo Plus

  • Kahaniyan Rishton Ki : Parivar

    भारतीय जीवन में परिवार का वही है, जो किसी भी धर्म या सम्प्रदाय में पूजागृह का होता है। परिवार नामक संस्था ही भारतीय जीवन और समाज-व्यवस्था का मूल है। पिछले सौ सालों में चौतरफ़ा बदलाव के बीच भारतीय समाज में परिवार की संरचना, उसमें अन्तर्निहित तरलता और सम्बन्धों की तीव्रता में क्या और कैसे बदलाव आए हैं, इस संकलन की कहानियों में साफ़-साफ़ दीखता है। संयुक्त परिवार से एकल परिवार और फिर लिव-इन रिलेशनशिप ... Leer más

    $1.99 USD o gratis con Kobo Plus